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गुर्दे की पथरी (kidney stone) के उपचार – उपाय 2023

गुर्दे की पथरी

गुर्दे की पथरी, जिसे औरतों में ‘मूत्रश्मरी’ और पुरुषों में ‘श्वानिदान’ कहा जाता है, एक रोग है जिसमें गुर्दे में किसी भी कारण से कठिनाई होने के कारण गुर्दे में पथरी बन जाती है। यह पथरी मूत्रमार्ग में उत्पन्न होती है और जब यह मूत्रमार्ग से बाहर निकलती है, तो यह मूत्रमार्ग को रोक सकती है, जिससे व्यक्ति को तेज दर्द, मूत्र बहुत, और अन्य समस्याएँ हो सकती हैं।

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लक्षण:

  • दर्द: गुर्दे की पथरी के सबसे मुख्य लक्षण में से एक है तेज दर्द, जो गुर्दे क्षेत्र से शुरू होकर निचले पेट की ओर बढ़ता है।
  • मूत्र बहुत: मूत्रमार्ग में पथरी के कारण मूत्र बहुत हो सकती है, और इसमें आक्षेप भी हो सकता है।
  • पेशाब के साथ रक्त: अगर पथरी गुर्दे के छोटे तंतु में फंसी है, तो पेशाब के साथ रक्त आ सकता है।
  • उल्टी और मिर्गी: कुछ मामलों में, पथरी के बजाय उल्टी और मिर्गी के लक्षण भी हो सकते हैं।

उपचार:

  • पानी पीना: अधिक पानी पीना पथरी को बहुत निकालने में मदद कर सकता है और नई पथरी के बनने को रोक सकता है।
  • आहार पर ध्यान देना: कैल्शियम, ओक्सेलेट, और अन्य तत्वों को सीमित करने के लिए आहार में पर्याप्त मात्रा में बॉटमिल्क, मैगनीशियम, और पोटैशियम समाहित रखना महत्वपूर्ण है।
  • दवा: चिकित्सक के सुझाव पर दवा लेना, जो पथरी को तोड़ने और मूत्रमार्ग को साफ करने में मदद कर सकती है।
  • सुर्जरी: बड़ी पथरी जो मूत्रमार्ग को पूरी तरह से बंद कर देती है, के उपचार के लिए सर्जरी एक विकल्प हो सकता है।

गुर्दे की पथरी का आयुर्वेदिक इलाज

गुर्दे की पथरी का आयुर्वेदिक उपचार विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा सिफारिश किया जाता है, जो रोगी के प्रकृति, रोग की गंभीरता, और उम्र को ध्यान में रखकर निर्धारित किया जाता है। यहां कुछ आयुर्वेदिक उपचार बताए जा रहे हैं जो पथरी के इलाज में सहारा प्रदान कर सकते हैं:

गोख्षुरादि क्वाथ:

गोख्षुर, पुनर्नवा, वरूण, और पशनभेदी जैसी जड़ी-बूटियों से तैयार किया गया क्वाथ गुर्दे की पथरी को विघटन में मदद कर सकता है।

पथ्यादि आहार:

पथ्यादि आहार का पालन करना, जिसमें ताजगी वाले फल, सब्जियां, और शुद्ध जल शामिल हैं, गुर्दे की पथरी के लिए उपयुक्त हो सकता है।

योग और प्राणायाम:

कपालभाति, अनुलोम-विलोम, और उत्तानपादासन जैसे प्राणायाम और योगासनों का अभ्यास करना शरीर को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है।

अश्मरिःपंचक प्रतिक्रम:

इस पंचक का सेवन करने से गुर्दे की पथरी नष्ट होने में मदद मिल सकती है। इसमें गोधूम, दादिम, पथा, गुड़ूचि, और शुंठि शामिल हैं।

कृमिघ्न चिकित्सा:

किडनी स्टोन के कारण उत्पन्न होने वाले कृमिगत रोगों का इलाज करने के लिए कृमिघ्न चिकित्सा का अनुप्रयोग किया जा सकता है।

आयुर्वेदिक औषधियां:

ब्रह्मी, शिलाजीत, गोक्षुरादि चूर्ण, और पथरीनाशक रसायन युक्त आयुर्वेदिक औषधियों का सेवन करना सावधानीपूर्वक किया जा सकता है।

जलपान और उपवास:

रोजाना उचित मात्रा में पानी पीना और निराहारी दिनों का आयोजन करना पथरी के उपचार में मदद कर सकता है।

पर्श्वशूल नाशक आहार:

अश्वगंधा, सुधा शिलाजीत, और गोक्षुर पथरी के कारण उत्पन्न होने वाले पर्श्वशूल को कम करने में सहायक हो सकते हैं।

स्वस्थ जीवनशैली:

नियमित व्यायाम, सही नींद, और तंतुमुक्त जीवनशैली अच्छे किडनी स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।

गुर्दे की पथरी का घरेलू उपचार

गुर्दे की पथरी का घरेलू उपचार मुख्यतः यही उद्देश्य रखता है कि रोगी को आराम मिले और उसकी स्थिति में सुधार हो। यह रोग गुर्दे में रूकावट के कारण होने वाला एक चिकित्सायित दशा है, जिसमें किड़नी में से छोटी-छोटी पथरियाँ बनती हैं, जो गुर्दे को आंवला के आकार की दी हुई नसों के माध्यम से बाहर निकलने का प्रयास करती हैं। यह दर्द, पेशाब के साथ रक्त, उच्च बुखार, और उल्टी के साथ जाने वाले लक्षणों के साथ आता है।

1. पानी पीना: एकमुश्त पानी में शहद मिलाकर निरंतर पीना, यह पथरी को बाहर निकालने में मदद कर सकता है।

2. तुलसी का रस: तुलसी के पत्तों का रस पीना, जो कि गुर्दे के स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायक हो सकता है।

3. आमला का रस: आमला का रस गुर्दे की सफाई करने में मदद कर सकता है और पथरी को ठीक करने में सहायक हो सकता है।

4. सेब का सिरका: गरम पानी में सेब के सिरके को मिलाकर पीना, जो पथरी को ठीक करने में मदद कर सकता है।

5. अदरक का रस और शहद: अदरक का रस और शहद मिलाकर पीना, जो रक्तशोधन को कम करने और पथरी को ठीक करने में मदद कर सकता है।

6. धनिया के बीज: धनिया के बीजों को पानी में भिगोकर पीना, जो पथरी को ठीक करने में मदद कर सकता है।

7. योग और आसन: कुछ योग आसन और प्राणायाम, जैसे कि पवनमुक्तासन और उत्तानपादासन, गुर्दे की सही कार्यप्रणाली को बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।

8. गरमी युक्त तेल मालिश: पथरी के इलाज के लिए गरमी युक्त तेल से मालिश करना, जो दर्द को कम करने में मदद कर सकता है।

9. प्राकृतिक रूप से बनाएं और सेवन करें जूस: पुदीना, टमाटर, गाजर और बीट जूस पीना, जो गुर्दे की सफाई के लिए फायदेमंद हो सकता है।

10. पौष्टिक आहार: अपने आहार में पौष्टिक भोजन शामिल करना, जिसमें फल, सब्जियां, और पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल हों, ताकि गुर्दे को सही से काम करने के लिए आवश्यक पोषण मिल सके।

यदि आपको अधिक जानकारी चाहिए या आपके लिए उपाय तय करना है, तो कृपया अपने चिकित्सक से संपर्क करें।

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